विधि एवं न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने बुधवार 27 अगस्त 2025 को कहा कि भारत और सिंगापुर विवादों के निष्पक्ष, पारदर्शी व प्रभावी समाधान में वैश्विक मानक स्थापित कर सकते हैं।
भारतीय मध्यस्थता परिषद (आईसीए) की संगोष्ठी व गोलमेज सम्मेलन को संबोधित करते हुए मेघवाल ने कहा, ‘भारत के मध्यस्थता कानूनों में महत्त्वपूर्ण सुधार और भारत अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र की स्थापना एक विश्व स्तरीय विवाद समाधान तंत्र बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।’
उन्होंने ‘ब्रिजिंग मार्केट्स, रिजॉल्विंग डिस्प्यूट्स वाया एडीआर इन इंडिया-सिंगापुर कॉरिडोर’ विषय पर आयोजित संगोष्ठी में लगभग 150 प्रतिनिधियों से कहा कि ये पहल यह सुनिश्चित करती हैं कि भारत में मध्यस्थता तेज, अधिक कुशल और अधिक विश्वसनीय हों। उन्होंने कहा, ‘तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं वाले दो गतिशील लोकतांत्रिक देश भारत और सिंगापुर मिलकर काम करके विवादों के निष्पक्ष, पारदर्शी व प्रभावी समाधान में वैश्विक मानक स्थापित कर सकते हैं, जिससे समृद्धि, स्थिरता और सतत विकास के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता और मज़बूत होगी।’
तीन दिवसीय यात्रा पर सिंगापुर आए मेघवाल ने कहा, ‘इस प्रगति से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के बीच विश्वास बढ़ेगा।’ आईसीए ने कहा है कि यह संगोष्ठी भारत-सिंगापुर कानूनी व आर्थिक सहयोग को प्रगाढ़ बनाने के लिए एक सामयिक और रणनीतिक अवसर है।
भारत-अफ्रीका व्यापार 2024-25 में 100 अरब डॉलर पार
केंद्रीय मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने बुधवार को कहा कि 2024-25 में भारत-अफ्रीका व्यापार 100 अरब डॉलर को पार कर गया और भारत इस महाद्वीप में शीर्ष पांच निवेशकों में से एक बनकर उभरा है। राष्ट्रीय राजधानी में 20वें सीआईआई भारत-अफ्रीका व्यापार शिखर सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए विदेश राज्यमंत्री सिंह ने कहा कि भारत ने समूचे अफ्रीका में परियोजनाओं के लिए 12 अरब डॉलर से अधिक के रियायती ऋण और 70 करोड़ अमेरिकी डॉलर की अनुदान सहायता प्रदान की है। इसके अलावा भारत ने अफ्रीकी युवाओं के लिए 50,000 छात्रवृत्तियां भी प्रदान की हैं, जिनमें से 42,000 से अधिक का इस्तेमाल पहले ही किया जा चुका है। मंत्री ने कहा, ‘इस वर्ष का विषय अलग है क्योंकि हमने परियोजना साझेदारी और विकास साझेदारी से आगे बढ़कर ‘साझा भविष्य के सह-निर्माण’ की भावना को अपनाने का निर्णय लिया है जो इस उल्लेखनीय यात्रा से जुड़ी भावना को दर्शाता है।’ उन्होंने कहा, ‘अफ्रीका के साथ भारत का द्विपक्षीय व्यापार 2024-25 में 100 अरब डॉलर के आंकड़े को पार कर गया है, जबकि 2019-2020 में यह 56 अरब डॉलर था। 1996-2024 तक 75 अरब डॉलर से अधिक के संचयी निवेश के साथ भारत, अफ्रीका में शीर्ष 5 सबसे बड़े निवेशकों में से एक है।’ मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि अफ्रीका, भारत की विदेश नीति में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा। भारत की अध्यक्षता के दौरान अफ्रीकी संघ को जी-20 की स्थायी सदस्यता दी गई थी। उन्होंने कहा, ‘हम वैश्विक मंच पर अफ्रीका के उचित स्थान पर जोर देते हैं।’ सिंह ने कहा कि भारत जरूरत के समय अफ्रीका के साथ खड़ा रहा है। उन्होंने मोजाम्बिक, मेडागास्कर, मॉरीशस तथा कई अन्य देशों में राहत कार्यों का जिक्र किया और अफ्रीकी देशों को आपदा रोधी बुनियादी ढांचे के लिए गठबंधन और जलवायु एवं स्वच्छ ऊर्जा में सहयोग को मजबूत करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन में शामिल होने का निमंत्रण दिया। मंत्री ने कहा, ‘भारत और अफ्रीका आपसी विश्वास एवं सहयोगात्मक प्रयासों पर आधारित एक साझा भविष्य के निर्माण के लिए एक मजबूत साझेदारी को आकार दे रहे हैं।’