मलेशिया ने यूरोपीय संघ के वनों की कटाई के नियमों के तहत कृषि निर्यात के लिए आकस्मिक योजनाएं बनाई है। इसका मकसद यूरोपीय बाजारों में प्रतिस्पर्धी बने रहना है। वह यूरोपीय संघ के नए वनों की कटाई के नियमों के तहत “मानक जोखिम” वाले देश के रूप में वर्गीकृत होने से बचने की कोशिश कर रहा है।
मलेशिया सरकार के मंत्री ने संसद में कहा कि यदि मलेशिया “कम जोखिम” का दर्जा हासिल करने में विफल रहता है, तो यूरोप को कृषि उत्पाद निर्यात करने वाले सभी उद्योगों के साथ बातचीत सत्र आयोजित किए जाएंगे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे यूरोपीय संघ की आवश्यकताओं का अनुपालन करते हैं।
मलेशिया को वर्तमान में यूरोपीय संघ द्वारा अपने नए वनों की कटाई विनियमन (EUDR) के तहत इंडोनेशिया और ब्राज़ील के साथ एक “मानक जोखिम” वाले देश के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
यूरोपीय संघ के नियमों के तहत, “मानक जोखिम” वाले देशों से आने वाले 3% शिपमेंट निरीक्षण अधिकारी करेंगे। वहीं “कम जोखिम” वाले देशों को कम कड़े नियमों का सामना करना पड़ता है।
चार “उच्च जोखिम” वाले देशों में बेलारूस, म्यांमार, रूस और उत्तर कोरिया शामिल हैं। इन देशों को सबसे सख्त अनुपालन जांच का सामना करना पड़ता है।
यूरोपीय संघ का यह कानून दिसंबर में लागू होने की उम्मीद है।यह नियम सोया, गोमांस, ताड़ के तेल, लकड़ी, कोको और कॉफी तथा चमड़ा, चॉकलेट और फर्नीचर जैसे कुछ उत्पादों पर लागू होता है।
मलेशियाई सरकार ने पहले “मानक जोखिम” वर्गीकरण पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा था कि यह फैसला पुराने आंकड़ों पर आधारित है।
मंत्रालय ने कहा है कि वह यह भी सुनिश्चित करेगा कि यूरोपीय संघ द्वारा लागू देश बेंचमार्किंग प्रणाली के लिए गुणात्मक मूल्यांकन तत्वों को पूरा किया जा सके। मंत्रालय ने आगे कहा कि यूरोपीय संघ की जोखिम मूल्यांकन (ईयूडीआर) कार्यान्वयन के लिए बनी विशेष समिति के माध्यम से वह विभिन्न मंत्रालयों और एजेंसियों के विभिन्न अधिकार क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों के समाधान का भी प्रस्ताव करेगा।