कहा जाता है कि घायल नागिन अपने दुश्मन से बदला जरूर लेती है. कर्नाटक में हर हथकंडे अपनाकर हार चुके नरेंद्र मोदी ने डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने से पहले ही प्रवीण सूद को सीबीआई प्रमुख (New Central Bureau of Investigation -CBI- Director Praveen Sood) बनाकर अपना तेवर दिखा दिया है.
कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी ने हर हथकंडे अपनाए, लेकिन अंततः 2023 का विधानसभा चुनाव बुरी तरह हार गई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सामान्यतया जिस राज्य में हार सूंघ लेते हैं, वहां रैलियों की संख्या कम कर देते हैं, जैसा कि बिहार विधानसभा चुनाव 2015 में किया था. लेकिन कर्नाटक में उनका खुफिया तंत्र विफल रहा. वह अंतिम क्षण तक भाजपा का प्रचार करते रहे, कांग्रेस के खिलाफ ऊल जुलूल बयान देते रहे, लेकिन चुनाव परिणाम आया तो हार गए. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डीके शिवकुमार उन्हें पटखनी देने में सफल रहे. घायल नागिन बन चुके नरेंद्र मोदी ने डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने के पहले ही प्रवीण सूद को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) का प्रमुख बनाकर अपने तेवर दिखा दिए. आइए जानते हैं कि कौन हैं प्रवीण सूद.
एक नजर इधर भीः CHIEF MINISTER KARNATAKA : कर्नाटक का मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को बनाने का फैसला सही
सिद्धारमैया ने मुख्यमंत्री रहते प्रवीण सूद को पद से हटाया था
सीबीआई के निदेशक बने प्रवीण सूद (New Central Bureau of Investigation -CBI- Director Praveen Sood) 2017 में उस समय विवाद में आए, जब बेंगलूरु सिटी पुलिस के कमिश्नर के रूप में नियुक्ति के 6 महीने बाद ही तत्कालीन मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने तमाम आरोपों को देखते हुए उनका ट्रांसफर कर दिया था. उसके बाद से ही वह राज्य में कांग्रेस के विरोधी अधिकारी के रूप में राज्य में पहचाने जाने लगे.
डीके शिवकुमार ने प्रवीण सूद को बताया था बीजेपी का एजेंट
भाजपा सत्ता में आई तो प्रवीण सूद राज्य पुलिस के शीर्ष पद पर बिठाए गए. उसके बाद उनके ऊपर कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के उत्पीड़न, कांग्रेस की रैलियों में व्यवधान पहुंचाने, कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की नाहक गिरफ्तारी और पिटाई के आरोप राज्य भर में लगने लगे. मार्च 2023 में कर्नाटक कांग्रेस के प्रमुख डीके शिवकुमार ने कहा कि राज्य पुलिस कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज कर रही है और भाजपा कार्यकर्ताओं की गुंडागर्दी पर आंख मूंदे हुए है. शिवकुमार ने घोषणा की थी कि सत्ता में आने पर वह सूद के खिलाफ कार्रवाई करेंगे. शिवकुमार ने सूद को भाजपा का एजेंट करार दिया था. कांग्रेस ने सूद के खिलाफ चुनाव आयोग में भी शिकायत की थी कि उन्हें हटाया जाए. शिवकुमार ने यह भी घोषणा की थी कि प्रवीण सूद को न सिर्फ पद से हटाया जाएगा बल्कि उनके खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा.
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने किया था प्रवीण सूद की नियुक्ति का विरोध
टाइम्स आफ इंडिया की एक खबर के मुताबिक 13 मई 2023 को एक उच्च स्तरीय समिति की बैठक हुई. इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भारत के मुख्य न्यायधीश धनंजय वाई चंद्रचूड़ और लोकसभा में विपक्ष के नेता अधीर रंजन चौधरी ने हिस्सा लिया. चौधरी ने सूद(New Central Bureau of Investigation -CBI- Director Praveen Sood) की नियुक्ति पर असहमति जताई थी.
प्रवीण सूद को मिला मोदी से पुरस्कार
केंद्रीय जांच ब्यूरो के निदेशक पद पर प्रवीण सूद को बिठाए जाने के बाद यह चर्चा आम है कि उन्हें कर्नाटक चुनाव में भाजपा का फेवर करने का पुरस्कार मिला है. कर्नाटक में कांग्रेस को 135 सीटों का प्रचंड बहुमत मिलते ही केंद्र सरकार ने सूद को सीबीआई का निदेशक (New Central Bureau of Investigation -CBI- Director Praveen Sood) बना दिया. ऐसे में यह उम्मीद की जा रही है कि सूद अब डीके शिवकुमार के खिलाफ कार्रवाई कर पुरस्कार का प्रतिफल देंगे. शिवकुमार के खिलाफ सीबीआई आय से अधिक संपत्ति की जांच कर रही है, जो उनके और उनके परिवार द्वारा चलाए जा रहे शैक्षणिक संस्थानों से जुड़ा है. दिसंबर 2022 में उनकी संपत्तियों की व्यापक तलाशी का अभियान भी चलाया गया था. शिवकुमार ने सीबीआई जांच रोकने के लिए कर्नाटक उच्च न्यायालय में अपील की थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था. शिवकुमार ने भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के प्रावधानों के तहत हुई एक फर्स्ट इन्फॉर्मेशन रिपोर्ट को भी कोर्ट में चुनौती दे रखी है, जिस पर 30 मई को सुनवाई होनी है. और इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कथित रूप से ईमानदार कहे जाने वाले चीफ जस्टिस धनंजय वाई चंद्रचूड़ ने प्रवीण सूद को सीबीआई निदेशक बना दिया है.
सीबीआई प्रमुख बने प्रवीण सूद की शिक्षा और विभिन्न पद
प्रवीण सूद 1986 बैच के कर्नाटक कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं. उन्होंने आईआईटी-दिल्ली, आईआईएम बेंगलूरु और New York के Syracuse University से पढ़ाई की है. वह 2024 में सेवानिवृत्त होने वाले थे. अब वह 2 साल के नियत कार्यकाल के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो के प्रमुख बन गए हैं. वह इस समय कर्नाटक के डायरेक्टर जनरल आफ पुलिस हैं. एडिशनल डायरेक्टर जनरल आफ पुलिस (कंप्यूटर विंग) के पद पर काम करते हुए सूद ने कर्नाटक में क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क सिस्टम विकसित किया. इसके पहले वह बेल्लारी और रायचूर के एसएसपी, डिप्टी कमिश्नर आफ पुलिस (लॉ ऐंड ऑर्डर), बेंगलूरु सिटी के एडिशनल कमिश्नर आफ पुलिस (ट्रैफिक) और मैसूर सिटी के कमिश्नर आफ पुलिस रह चुके हैं. वह मॉरिशस सरकार के पुलिस एडवाइजर के रूप में भी काम कर चुके हैं.