तमिलनाडु सरकार ने बुधवार 4 अक्टूबर 2023 को कहा कि राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) की नए चिकित्सा कॉलेज खोलने पर प्रतिबंध लगाए जाने वाली अधिसूचना ने ‘प्रतिगामी स्थिति’ पैदा कर दी है. तमिलनाडु ने कहा कि इस पर रोक लगाई जानी चाहिए.
राज्य के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को अधिसूचना को रोकने का निर्देश देने को कहा है. साथ ही उन्होंने मामले को हल करने के लिए बातचीत की प्रक्रिया शुरू करने का आग्रह किया है. स्टालिन ने कहा, ‘मैं आपके ध्यान में लाना चाहता हूं कि नए चिकित्सा कॉलेज खोलने पर प्रतिबंध लगाने वाली एनएमसी द्वारा जारी हाल की अधिसूचना ने प्रतिगामी स्थिति पैदा कर दी है. एनएमसी ने अधिसूचित किया है कि शैक्षणिक वर्ष 2023-2024 के बाद नए मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए अनुमति पत्र केवल 50/100/150 सीटों की वार्षिक प्रवेश क्षमता वाले कॉलेजों को ही जारी किया जाएगा, जिसके लिए उन्हें (मेडिकल कॉलेजों को) उस राज्य या फिर केंद्र शासित प्रदेश में 10 लाख की आबादी पर 100 एमबीबीएस सीटों के अनुपात का पालन करना होगा.’
एमके स्टालिन ने फेसबुक पेज पर लिखा है, “The recent NMC restriction on new medical colleges is another attempt to encroach upon the rights of States! Why penalise the States that have tirelessly built their strong public health infrastructure over decades? Is it fair to deprive backward districts from getting tertiary healthcare at new medical colleges? This step from NMC could severely limit the future growth of both public and private healthcare services in states like Tamil Nadu. I urge Hon’ble PM PMO India to reconsider this move. Every district deserves best health care for the poor! Every State should be allowed to prosper to its full potential!!”
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अधिसूचना सभी राज्य सरकारों के अधिकारों काप्रत्यक्ष रूप से हनन है और उन लोगों के लिए दंड के समान हैं, जिन्होंने बीते वर्षों से अपनी जन स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे में ज्यादा से ज्यादा निवेश किया है.